my friend kavita sms

आज आपके लिए कुछ स्पेशल फोटो लाया हु जिसे आप माउस से पकड़ कर किसी भी फोल्डर में सेव कर सकते है और आपके लिए कुछ स्पेशल भी लिख रहा हु जिसे पड़कर शायद आपको भी अपने दोस्तों की याद आ जाएगी


जब याद का किस्सा खोलू 
तो कुछ दोस्त बहुत याद आते है ,
मै गुज़रे पल को सोचु 
तो कुछ दोस्त बहुत याद आते  है,
अब जाने कोन सी नगरी में आबाद है 

मै देर रात तक जागु  तो कुछ 
दोस्त  बहुत याद आते है,
कुछ बाते थी फूलों जैसी,
कुछ लहजे खुशबु जैसे थे,
मैं शहरे चमन में टहलू
तो कुछ दोस्त बहुत याद आते है,

वो पलभर की नाराजगिया,
और मान भी जाना पल भर में,
अब खुद से भी रूठू तो कुछ 
दोस्त बहुत याद आते है ..

मेरे ब्लॉग ने भी अपने दिल की बात बोली है जो की सबसे निचे लिखी है और अब कुछ स्पेशल फोटो जो शायद आपको पसंद आ जाये



















अभी कुछ और भी वालपेपर है जो आपको बहुत पसंद आएंगे और आपके कंप्यूटर की शोभा बढ़ाएंगे अगर आपको ये बेहतरीन वालपेपर अपने कंप्यूटर में सेव करने है किसी भी वालपेपर के ऊपर क्लीक करे जब वो बड़ा हो जाये तो उसे माउश से पकडकर किसी भी फोल्डर में डाल ले निचे उन बेहतरीन वालपेपर को दे रहा हु जो आपको जरुर पसंद आयेंगे 

















और चलते चलते मेरा ब्लॉग भी आपसे कुछ कहना चाहता है

मैं मौसम नहीं जो पल भर में बदल जाऊ 
जमीन से दूर कही और निकल जाऊ 
पुराने वक़्त का सिक्का हु मुझे फेक न देना 
बुरे दिनों में शायद मैं ही चल जाऊ  
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Mayank Bhardwaj

                    ------------चेतावनी----------- 

इस profile में लिखी गयी सारी बातें सत्य घटना पर आधारित हैं । इन बातों का किसी और व्यक्ति/घटना से किसी भी प्रकार से मिलना (वैसे किसी से मिलेगी नही) महज़ एक संयोग समझा जाएगा । ********************** मैं एक नम्बर का लुच्चा, लफंगा, आवारा, बद्तमीज़, नालायक, बदमाश, दुष्ट, पापी, राक्षस (और जो बच गया हो उसे भी जोड़ लो) कतई नही हूँ यार । हाँ दारू, सुट्टा, गाँजा, अफ़ीम, हेरोइन वगैरह……अबे ये सब भी नही पीता हूँ यार मैं बहुत होनहार , सीधा-साधा , सबको प्यार करने वाला , नेक दिल , ईमानदार, हिम्मती, शरीफ़ (अबे पूरे शरीर से शराफ़त टपकती है भाई), भोलाभाला (बस भोला हूँ भाला वगैरह नही रखता यार………अबे आदिवासी ठोड़े ही हूँ) लडका हूँ 

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4 comments so far,Add yours

  1. वाह वाह बहुत सुन्दर वाल पेपर है मैने सेव कर लिये हैं…….…आभार ये तरीका बहुत पसन्द आया।

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  2. waah mayank bhai behtar kavita ke saath saath wallpaper bhi
    ye toh sone pe suhaga hua
    samrat bundelkhand by upendra shukla

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