hindi bhasha online


वे दिन अब लद गए, जब इंटरनेट की दुनिया में सिर्फ इंग्लिश का ही बोलबाला हुआ करता था। भारत की स्थानीय भाषाओं के विशाल मार्केट को देखकर तमाम कंप्यूटर सॉफ्टवेयर कंपनियां स्थानीय भाषाओं के बाजार में उतरकर इसे कब्जाना चाहती हैं। यह एक सचाई है कि अभी भी देश में सिर्फ 5 फीसदी लोग ही अपना कामकाज इंग्लिश में करते हैं, जबकि बाकी 95 फीसदी लोग अपना कामकाज लोकल लैंग्वेज में ही निबटाना चाहते हैं।
जाहिर है, इसी तथ्य को भुनाने के लिए दुनिया की जानी-मानी कंप्यूटर सॉफ्टवेयर माइक्रोसॉफ्ट ने दस भारतीय भाषाओं में अनुवाद करने वाला इंडिक लैंग्वेजेज इनपुट टूल पेश किया है, जो अपने यूजर्स को इन सभी भाषाओं में काम करने में मदद करता है। मसलन आप उसमें कोई भी वाक्य इंग्लिश में लिखेंगे, तो आपको अपने आप उसका हिंदी वर्जन नजर आने लगेगा।

इस टूल के तहत आप हिंदी, बंगाली, कन्नड़, मलयालम, तमिल, गुजराती, मराठी, तेलुगू, उडि़या और पंजाबी भाषा का इस्तेमाल कर सकते हैं। इस टूल को (www.bhashaindia.com) पर लॉग इन कर डाउनलोड किया जा सकता है।
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Mayank Bhardwaj

                    ------------चेतावनी----------- 
इस profile में लिखी गयी सारी बातें सत्य घटना पर आधारित हैं । इन बातों का किसी और व्यक्ति/घटना से किसी भी प्रकार से मिलना (वैसे किसी से मिलेगी नही) महज़ एक संयोग समझा जाएगा । ********************** मैं एक नम्बर का लुच्चा, लफंगा, आवारा, बद्तमीज़, नालायक, बदमाश, दुष्ट, पापी, राक्षस (और जो बच गया हो उसे भी जोड़ लो) कतई नही हूँ यार । हाँ दारू, सुट्टा, गाँजा, अफ़ीम, हेरोइन वगैरह……अबे ये सब भी नही पीता हूँ यार मैं बहुत होनहार , सीधा-साधा , सबको प्यार करने वाला , नेक दिल , ईमानदार, हिम्मती, शरीफ़ (अबे पूरे शरीर से शराफ़त टपकती है भाई), भोलाभाला (बस भोला हूँ भाला वगैरह नही रखता यार………अबे आदिवासी ठोड़े ही हूँ) लडका हूँ 

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2 comments so far,Add yours

  1. बहुत ही बढ़िया जानकारी दी है आपने

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