आज की पोस्ट मेरे द्वारा नहीं बल्कि उस कम्पनी के मेंबर के द्वारा लिखी गयी है जो एक ऐसी कम्पनी से जुड़ा है जो आपके फॉर्मेट हो चुके डेटा को बहुत ही आसानी से रिकवर करके आपको आपका परसनल डेटा देती है इस कम्पनी को आप यहाँ क्लिक करके देख सकते हो ये कम्पनी है Stellar Data Recovery के नाम से जिसके द्वारा आप किसी भी तरह का डाटा बहुत ही आराम से रिकवर कर सकते है डेटा किस तरह लॉस होता है डेटा को किस तरह रिकवर किया जाता, डेटा रिकवरी करते टाइम क्या क्या सावधानी रखनी चाहिए इन सभी बातो की जानकारी आपको निचे दी गयी अगर आपको कभी अपना बहुत जरुरी डेटा रिकवर करना हो तो आप सीधे इस कम्पनी से कॉन्टेक्ट कर सकते है पोस्ट में मिलेगी उम्मीद है आज की पोस्ट आपके बहुत काम आएगी
डाटा रिकवरी में गलतियों से सावधान!!
आज कल कए दौर मैं किसी भी ऑर्गनाइज़ेशन मैं डाटा एक अहम भूमिका निभाता है. किसी एक ऑर्गनाइज़ेशन मे बहुत ज़यादा स्टोर करने की ज़रूरत होती है, और यह डाटा बड़े-बड़े सर्वर्स मैं स्टोर किया जाता है. सर्वर ही नही और भी भहुत तरह के डाटा स्टोरेज डिवाइसस यूज़ किए जाते है, डाटा स्टोर करने के लिए, जैसे की, हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव्स, सीडी/ डीवीडी आदि
हम सब आपने ऑफिस के डाक्यूमेंट्स, या वीडियो फाइलस, फोटोग्राफ्स, पर्सनल डॉक्युमेंट्स इत्यादि, कंप्यूटर, लैपटॉप या एक्सटर्नल स्टोरेज डिवाइसस जैसे के हार्ड डिस्क ड्राइव, फ्लॉपी, USB कार्ड, इत्यादि में स्टोर करते है. यह उपकरण हमारे डेटा को स्टोर करने के काम आते है, और हम उपकारों पर बहुत ज़ायादा आश्रित है.
कभी कभी कुछ तकनीकी कारणों से यह उपकरण ठीक से काम नहीं कर पाते, और हम डाटा को इस्तेमाल नहीं कर पाते. निम्नलिखित कुछ ऐसे कारण है जब ऐसा हो सकता है :
·         हार्डवेयर फेलियर
·          हार्डवेयर या सिस्टम की खराबी
·          मानवीय त्रुटियों की वजह से फाइल्स का डेलीट हो जाना
·         सॉफ्टवेयर करप्शन
·         बिजली क़ी फ्लक्चुयेशन के कारण
·         प्राकृतिक आपदा।
·         वायरस का हमला  होने से
·         चोरी या कंप्यूटर सिस्टम का गुम हो जाना
अगर आप अपना डाटा लॉस को अवाय्ड करना चाहते है तो सबसे बाड़िया तारिका है, अपने डाटा का नियिमिट रूप से बॅक उप लेते रहें. बॅक उप लेने के लिए अपडेटेड सॉफ्टवेर का इस्‍तेमाल करें. बॅक उप लेने के लिए अनिनर्रपटेड पॉवर सप्लाइ वाला सिस्टम जिसमै एक्सपर्ट्स द्वारा रेकोंमएंडेड अंटी वीरस सॉफ्टवेर इनस्टॉल्ड हो, ऐसा सिस्टम उपयोइग मैं लाएँ. ऐसा करने से आप अपने कीमती डाटा का लॉस होने से बच सकते हॅ. हाँ ऐसा करने से आपको तोड़ा बजेट बड़ जाएगा, क्यूंकी आपको एक्सट्रा सिस्टम या एक्सट्रा हार्ड डिस्क डाटा स्टोर करने क लिए यूज़ करनी पड़ेगी, पर यह एक सहज और सरल विधि है,
अगर आपका डाटा एक रेड आरे या सर्वर पर है, और वहाँ से आपका डाटा लॉस हुआ है, तब आपको डाटा रिकवरी कारवानी चाहिए, और हमेशा डाटा रिकवरी करवाने के लिए किसी एक्सपर्ट सर्विस प्रवाइड की हेल्प लेनी चाहिए. क्योंकि कभी कभी, जब आप खुद से डाटा रिकवरी की कोशिस करते हो, ऐसा करने से डाटा और डॅमेज होने का खतरा रहता है. और अगर डाटा और डॅमेज हो गया, तब डाटा रिकवरी करवाना आपको और भी महँगा पद स्कता है, कयूओं आपने खुद से अपने महतव्पुरन डाटा को और डॅमेज कर दिया हॅ.
डाटा लॉस अभी भी होता है, और लोग एक बार तो खुद से डाटा रिकवरी करने की कोशिस करते है. यह बहुत ही जोख़िम भरा है. जब तक उपयोगकर्ता अच्छी तरह से उचित डाटा रिकवरी के तरीकों के बारे में पता नहीं है, जब तक खुद से डाटा रिकवरी नहीं करनी चाहिए। खुद से डाटा रिकवरी करना आज कल बहुत कामन है, और लोग भी खुद से ही डाटा रिकवरी करना प्रेफर करते है. पर यह बहुत जोखिम भरा हो सकता है. खुद से डाटा रिकवरी करने से पर्मनेंट डाटा लॉस होने की बहुत ज़यादा संभावना होती है. हार्डवेर फेल्यूर होने की संभावना भी बहुत बढ जाती है, ऐसा होने से डाटा रिकवरी की संभावना ख़तम हो जाती है, और आप अपना डाटा हमेशा के लिए खो सकते है. "जल्दबाजी बर्बाद करता है" ऐसा कहना इन केसस मे पूर्णता सत्यापित होता है.
एक नज़र कुछ बहुत ही सामान्य गलतियों पर जो लोग अकसर करते है डाटा रिकवरी करते समय
डाटा रिकवरी सुझावोँ के विपरीत कम करना-   जयदातर लोगों के पास बॅक उप की कोई योजना नहीं होती, और जल्दबाज़ी मे वो और भी काम खराब कर देते है. और कुछ लोग तो खुद से ही डाटा रिकवरी करना शुरू कर देते है. इतना ही नहीं कभी कभी तो अपना कंप्यूटर भी बंद नहीं करते और डाटा रिकवरी शुरू कर देते है. कैमरा, फोन और एमपी 3 प्लेयर्स  के बाहर मीडिया कार्ड नहीं लेते।
डाटा रिकवरी की जानकारी नहीं:  डेटा की रिकवरी एक आसान काम नहीं है, परन्तु लोग, अपनी क्षयमतयों से अधिक काम करना चाहते है. हार्ड डिस्क या रेड के मामले मे तो डाटा रिकवरी करने के लिए एक उप्युकत वातावरन की आवशयकता होती है. आप एक हार्ड डिस्क या रेड सर्वर को खुले वातावरण मे नहीं ओपन कर सकते, ऐसा करने से डाटा और भी ज़यादा डॅमेज होने का ख़तरा रहता है.
हार्ड डिस्क को क्लास १०० क्लीन रूम क बाहर खोलना : हार्ड डिस्क या रेड सर्वर के घटकों  की डाटा रिकवरी बहुत अंतरंग और जटिल हैं। इसलिए वे आंतरिक घटकों को नुकसान पहुंचाने वाले धूल मिट्टी इत्यादि पदार्थों को दूर रखने के लिए एक वातावरण की जरूरत है।
रिकवर हुई फाइल्स को ठीक से ना स्टोर करना: लोग अक्सर रिकवर हुई फाइल्स को फिर से अपनी उसी हार्ड डिस्क की लोकेशन पर स्टोर कर देते है. ऐसा नहीं करना चाहिए, क्योकि बहुत ऐसी संभावना होती है की इस हार्ड डिस्क मे अभी भी कुछ अनसुलझे मुद्‍दे हों, जो की फिर से डाटा उसी लोकेशन पर स्टोर करने से, फाइल्स को फिर से डॅमेज कर दे.

क्या करना चाहिए: रिकवर की हुई फाइल्स को हमेशा किसी और लोकेशन या ड्राइव मे स्टोर करना चाहिए. और भी अछा होगा अगर आप रिकवर्ड डाटा को, किसी और हार्ड डिस्क या मीडीया कार्ड मैं स्टोर करें.

 हार्ड ड्राइव के अनुचित हैंडलिंग: ग़लत तरीके से हार्ड डिस्क को हॅंडल करने से, जैसे की ज़ोर से हार्ड डिस्क को फोड़ना, या हर डिस्क को हिट करने से, पर्मनेंट डाटा लॉस होने का ख़तरा रहता है. इसलिए अपनी हार्ड डिस्क हो सुरक्षपूर्ण हॅंडल करें.
दूसरे की मदद की मांग:  ज्यादातर लोगों डाटा रिकवरी का थोड़ा ज्ञान है, जो अपने सहयोगियों या दोस्तों के रूप में मदद ले जाते हैं। उनके सुझाव काफी अछा हो सकता है, क्योकि "आधा ज्ञान बहुत ही खतरनाक है," और हो सकता है की उनका डाटा रिकवर करने का तरीका अनुचित हो सकता है.
ऐसी वेबसाइट्स पर भरोसा करना , जो संपूर्ण दाता रिकवरी का वायदा करती हो:
डाटा रिकवरी के सॉफ्टवेर बहुत ही जटिल आल्गरिदम्स पर बने होते है, जो की प्रोफेशनल दाता रिकवरी सॉफ्टवेर इंजिनियर बनाते है. यह असंभव है ही हर एक सॉफ्टवेर जो आज क्ल विभिन वेबसाइट्स पर उपलब्ध है, एक दम सही हो. अक्सर नकली सॉफ्टवेयर भी वेबसाइटों पर रखे जाते है. उपयोगकर्ताओं को पता होना चाहिए की वो जो सॉफ्टवेर डाउनलोड कर रहे हैं, वह एक वास्तविक है और एक भरोसे वाली वेबसाइट से डाउनलोड किया जा रहा है.
फिर से उसी जगह पर पारटिशन का निर्माण:-  हम सब जानते है की जब डाटा किसी हार्ड ड्राइव से डेलीट होता है, तो वो पर्मननेट डेलीट नहीं होता. सिर्फ़ हार्ड डिस्क के पायंटर को रिमूव किया जाता है और उस सेक्टर को फ्री या उप्लभ्द घोषित कर दिया जाता है, ताकि वहाँ पर कुछ विभिन्न डाटा स्टोर किया जा सके. ऐसा करने से सिर्फ़ पुराना डाटा उप्लभ्द नहीं रहता.
ड्राइव को फॉर्मॅट करना:- जब हार्ड डिस्क मैं कोई प्राब्लम होती है तो अक्सर आपका कंप्यूटर आपको हार्ड डिस्क फॉर्मॅट करने के लए मेसेज देता रहता है. हार्ड डिस्क फॉर्मॅट करने पर आपका फायदा कम और नुकसान ज़्यादा हो जाता है. क्योकि एक फॉरमॅटेड हार्ड ड्राइव आपके सारे डाटा को ओवरराइट कर देता है, जिससे की डाटा रिकवरी और कठिन हो जाती है. कभी भी अपनी हार्ड डिस्क को ऐसे केसस मे फॉर्मॅट ना करें.
रेड एरर्स:- रेड, इस प्रकार की प्रणाली सर्वर पर प्रदान की जाती है, और कई हार्ड डिस्क डाटा स्टोर करने के लिए लगाई जाती हैं। परंतु अगर एक हार्ड डिस्क मे डाटा फेल्यूर होता है, और एक गैर पेशेवर उपयोगकर्ता द्वारा डाटा रिकवरी की कोशिश की जाती है तब महत्वपूर्ण डेटा स्थायी रूप से क्षतिग्रस्त होने का जोखिम रहता है।
कृपया ध्यान रेखें की हरेक रेड सर्वर की अलग कनफिग्रेशन होती है, और उसका डाटा रिकवरी करने का अपनी एक  प्रक्रिया होता है.  अगर आपको इसकी पूरी जानकारी नहीं है तब आप डाटा रिकवरी की कोशिस ना करें, क्यूकी आपकी यह कोशिस, आपके डाटा को पर्मनेंट्ली डेलीट कर सकती है.

हार्ड डिस्क, रेड, या पेन ड्राइव, किसी भी प्रकार के डाटा लॉस में आपको सदैव एक प्रोफेशनल डाटा रिकवरी सर्विस प्रवाइडर को ही अप्रोच करना चाहीये, जहाँ पर की प्रशिसित प्रोफेशनलस आपका महत्वपूरण डाटा रिकवरी करने मे मदद करते है. एक प्रोफेशनल डाटा रिकवरी सेंटर मैं क्लास १०० क्लीन रूम लेब भी होती है, जो एक रेकमेंडेड वातावर्ण होता है डाटा रिकवरी के लिए. अगर आप ऐसे किसी एक प्रोफेशनल डाटा रिकवरी सेंटर को अप्रोच करते है तो आपको निम्नलिखित लाभ हो सकते है:

ü  डाटा रिकवरी का पक्का आश्वासन
ü  आई अस ओ से परमणित क्लेआनरूम लेब्स
ü  प्रशिक्षित पेशेवरों के द्वारा डाटा रिकवरी
ü  फिज़िकली डॅमेज्ड हार्ड डिस्क की डाटा रिकवरी
ü  डेड हार्ड डिस्क की डाटा रिकवरी
आपका डाटा रिकवरी सर्विस प्रवाइडर सेलेक्ट करने का निर्णय, इन सब पर भी निर्भर करना चाईए. अपना सर्विस प्रोवीडर सेलेक्ट करने से पहले इन सब बातों का ध्यान रखें.


हमारे देश मैं बहुत सारे डाटा रिकवरी सर्वीसज़ देने वाले सर्विस प्रवाइड है, पर सब के पास सही क्षमताएँ नहीं है, जैसे की क्लास १०० क्लीन रूम लेब, सही प्रशिक्सित इंजिनीयर्स का होना आदि.  स्टेलार डाटा रिकवरी एक ऐसी ऑर्गनाइज़ेशन है जो पीछले दशकों से डाटा रिकवरी की सर्वीसज़ दे रहे है. स्टेलर पास ना केवल प्रशिक्सित इंजिनीयर्स है, बल्कि क्लास १०० क्लीन रूम जैसी सुविधाएँ भी है. अगर आप डाटा रिकवरी सर्वीसज़ प्रवाइडर ढूँड रहे है, तो मैं आपको एक बार स्टेलर डाटा रिकवरी को आप्रओआस्च करने की सलाह दूँगा. स्टेलार के डाटा रिकवरी सेंटर भारत मे हर एक मुख्य शहर मे है. स्टेलर के नज़दीकी दाता केंद्र की जानकारी के लीएआप स्टेलारकीवेबसाइट भी विज़िट कर सकते है


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इस profile में लिखी गयी सारी बातें सत्य घटना पर आधारित हैं । इन बातों का किसी और व्यक्ति/घटना से किसी भी प्रकार से मिलना (वैसे किसी से मिलेगी नही) महज़ एक संयोग समझा जाएगा । ********************** मैं एक नम्बर का लुच्चा, लफंगा, आवारा, बद्तमीज़, नालायक, बदमाश, दुष्ट, पापी, राक्षस (और जो बच गया हो उसे भी जोड़ लो) कतई नही हूँ यार । हाँ दारू, सुट्टा, गाँजा, अफ़ीम, हेरोइन वगैरह……अबे ये सब भी नही पीता हूँ यार मैं बहुत होनहार , सीधा-साधा , सबको प्यार करने वाला , नेक दिल , ईमानदार, हिम्मती, शरीफ़ (अबे पूरे शरीर से शराफ़त टपकती है भाई), भोलाभाला (बस भोला हूँ भाला वगैरह नही रखता यार………अबे आदिवासी ठोड़े ही हूँ) लडका हूँ 

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