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देश में मंहगाई जिस तेजी से बढ़ रही है उसी तेजी से उन लोगो की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है जो अपना और अपने बच्चो का पेट पालने के लिए दिन रात मजदूरी करते है कभी कभी तो ऐसे लोगो को भीग तक मंगनी पड़ती है हमारे हरिद्वार में हरकी पोड़ी पर हजारो की संख्या में भिखारी मोजूद है जो सडक पर ही मांग कर खाते है और वही पड़कर सो जाते है कुछ भिखारियों ने तो अपनी झोपडिया बनाई हुई है लेकिन कुछ लोग ऐसे भी है जिन्हें सर छुपाने के लिए कोई जगह नहीं मिलती वो लोग सडक पर ही सोते है चाहे सर्दी हो या गर्मी उन लोगो का एक ही ठिकाना होता है सडक

 हमारे हरिद्वार में बहुत से ऐसे दानवीर भी आते है जिनके पास बहुत दोलत होती है थोड़े बहुत पैसे वो हरिद्वार में आकर उन भिखारियों को देते है जो हरकी पोड़ी पर रहते है और साथ ही साथ उन लोगो को भोजन भी करवाते है जो सडक किनारे बेठ कर भीग मांगते है ऐसे लोगो की इतनी श्रद्धा देखकर अच्छा लगता है वो लोग तो अपने हिसाब से उन लोगो क़ी हेल्प कर देते है जो सडक किनारे बेठे होते है लेकिन कुछ लोग ऐस भी होते है जिन तक उनकी हेल्प नहीं पहुच पाती

 मै हरिद्वार में ही पैदा हुवा हु तो मुझे यहाँ के हर माहोल का पता है हरकी पोड़ी पर भीग मागने वालो ने तो भीग मागना एक व्यपार सा बना लिया है कुछ ओरते तो ऐसी है जो बच्चे पैदा कर कर के उन्हें हरकी पोड़ी जेसे तीर्थ स्थान पर भीग मागने के लिए छोड़ देती है और आदमी पुरे दिन भीग मागने के बाद रात को शराब पी लेते है शुबह फिर से भीग मांगना शुरू कर देते है जब कोई दानवीर इन भिखारियों को दान नहीं देता तो ये भिखारी उन दानवीरों को गालिया तक दे देते है आज के टाइम में माहोल इतना खराब हो गया है जिसके बारे में सोचने मात्र से ही मन खराब हो जाता है दानवीर लोग तो हर साल करोडो रूपये का दान कर देते है लेकिन उन का दान जरूरत मंद लोगो तक नहीं पहुच पाता

 ये पोस्ट मैंने सिर्फ उन लोगो के लिए लिखी है जो बहुत पैसा कमाते है और अपना कुछ पैसा हरिद्वार में ऐसे लोगो को दान करना चाहते है जिन्हें सच में खूब रूपये की जरूरत है आपके द्वारा दिए गये रूपये से कोई अपनी लडकी की शादी कर सकता है कोई अपने ऊपर चढ़े कर्ज को उतार सकता है कोई अपनी बीमारियों का इलाज भी करवा सकता है

 इस जन्म में किये गये पूण्य कर्म ही हमारे अगले जन्म में काम आयेंगे कुछ कर्म ऐसे होते है जिनका फल हमे तुरंत नहीं मिलता इसलिए ऐसे कर्म फल ना देने तक हमारे जीवन खाते में जमा रहते है जेसे कि राजा दशरथ द्वारा श्रवण का वध होने पर उसके माता पिता ने अपने पुत्र विरह में मरते मरते राजा को श्राप दिया - तेरी म्रत्यु भी अपने पुत्र विरह में हो परन्तु राजा दशरथ को अपने इस कर्म का तत्काल फल मिलना मुस्किल ही नहीं अपितु असंभव था क्युकी रजा को कोई पुत्र ना था फलस्वरूप वह कर्म राजा के संचित कर्म में जमा हो गया फल समय आने पर राजा को चार पुत्र हुवे बड़े होने पर उनके विवाह हुवे तथा पुत्र श्रीराम जी के राज्यभिषेक का दिन भी निश्चित हो गया किन्तु इस शुभ घड़ी के आने से पहले ही राजा दशरथ को उनका संचित कर्म जो अब पक चूका था अपना फल देने को तेयार था अत श्रीराम जी को राज्यभिषेक के बदले चौदह वर्ष के लिए वनवास जाना पड़ा और उनके विरह में राजा को अपना शारीर त्यागना ही पड़ा इस तरह राजा दशरथ को अपने उन कर्मो का फल मिला जो उन्होंने किये थे

कर्म का सिधांत अटल है जो जेसा बोता है वह वेसा ही काटता है जो जैसा करता है वेसा ही फल पाता है इस जन्म में किये गये पुण्ये कर्म ही हमारा अगला जन्म तय करते है अगर आपके पास इतना पैसा है की किसी गरीब की हेल्प करने पर उसमे कोई कमी नहीं आएगी तो आप मेरे द्वारा वो पैसा उन गरीबो तक पंहुचा सकते हो आप चाहे तो ऑनलाइन रूपये भी ट्रांसवर कर सकते हो चाहे तो चेक बना कर भी मेरे पास भेज सकते हो अगर आप गुप्त दान करना चाहते हो तो रूपये कोरियर के द्वारा भी भेज सकते हो आपके द्वारा दिए गये रूपये उन जरूरत मंदों तक पहुचाए जायेंगे जिन्हें सच में आपके द्वारा दिए गये रूपये की जरूरत है लेकिन आपके द्वारा दिए गये रूपये इतने होने चाहिए की कोई गरीब अपने एक महीने का राशन चला सके या कोई अपनी लडकी की शादी करवा सके अगर आप मेरे द्वारा किसी गरीब तक रूपये पहुचवाना चाहते हो तो आपके रूपये भी गुप्त रूप से ही किसी गरीब के घर तक पहुचवाऊंगा ताकि उसके दिल से निकली दुवा सीधे आपको लगे आप चाहे तो अपने शहर में भी ऐसे ही किसी गरीब की हेल्प कर सकते हो जिहने सच में आपके पैसों की जरूरत है

अगर आप हरिद्वार में किसी गरीब क़ी हेल्प करना चाह्ते है तो सिधे मरी मेल आईडी पर सम्पर्क कर सकते है मेरी मेल आईडी है mayankaircel@gmail.com

आप चाहे तो अपनी जरूरत के हिसाब से दान की गयी रकम निचे दिए गए पते पर भी भेज सकते हो 
Mayank Bhardwaj
H.N.142 Gosai Gali Bhimgoda 
Haridwar Uttarakhand
Pin-249401
Mo-7060830844

नोट- आप दान तब ही करे जब आपको लगे कि आपके द्वारा दिए गये दान से आपकी पूंजी पर कोई कमी नहीं आएगी और ना ही आपके परिवार को दिए गये दान से कोई नुकसान होगा तब ही आप् दान देने का फेसला ले कही आप लोगो के दान के चक्कर में और जरूरत मंद लोगो की हेल्प करने के चक्कर में मेरे खुद के कर्म ना बिगड़ जाए बहुत सोच समझ कर दान करे  
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Mayank Bhardwaj

                    ------------चेतावनी----------- 
इस profile में लिखी गयी सारी बातें सत्य घटना पर आधारित हैं । इन बातों का किसी और व्यक्ति/घटना से किसी भी प्रकार से मिलना (वैसे किसी से मिलेगी नही) महज़ एक संयोग समझा जाएगा । ********************** मैं एक नम्बर का लुच्चा, लफंगा, आवारा, बद्तमीज़, नालायक, बदमाश, दुष्ट, पापी, राक्षस (और जो बच गया हो उसे भी जोड़ लो) कतई नही हूँ यार । हाँ दारू, सुट्टा, गाँजा, अफ़ीम, हेरोइन वगैरह……अबे ये सब भी नही पीता हूँ यार मैं बहुत होनहार , सीधा-साधा , सबको प्यार करने वाला , नेक दिल , ईमानदार, हिम्मती, शरीफ़ (अबे पूरे शरीर से शराफ़त टपकती है भाई), भोलाभाला (बस भोला हूँ भाला वगैरह नही रखता यार………अबे आदिवासी ठोड़े ही हूँ) लडका हूँ 

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