ज़िन्दगी का कोई और ही किनारा होगा

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याद है मेरी पिछली पोस्ट पिछली बार से मैंने एक नई बात सुरु करी थी यानी दिल की बात तो आज कोई तकनिकी पोस्ट नहीं बल्कि दिल की बात और हां ये जो नीचे में बात लिखने वाला हु उसे मेरे दिल की बात मत समझना बस मुझे अच्छी लगी ये बात इसलिए लिख रहा हु तो शुरु करता हु आज की दिल की बात उम्मीद है आपको पसंद आयेगी अगर नहीं भी आई तब भी चलेगा .............



किसी की आँखों मे मोहब्बत का सितारा होगा
एक दिन आएगा कि कोई शक्स हमारा होगा
कोई जहाँ मेरे लिए मोती भरी सीपियाँ चुनता होगा
वो किसी और दुनिया का किनारा होगा

काम मुश्किल है मगर जीत ही लूगाँ किसी दिल को
मेरे खुदा का अगर ज़रा भी सहारा होगा
किसी के होने पर मेरी साँसे चलेगीं
कोई तो होगा जिसके बिना ना मेरा गुज़ारा होगा

देखो ये अचानक ऊजाला हो चला,
दिल कहता है कि शायद किसी ने धीमे से मेरा नाम पुकारा होगा
और यहाँ देखो पानी मे चलता एक अन्जान साया,
शायद किसी ने दूसरे किनारे पर अपना पैर उतारा होगा

कौन रो रहा है रात के सन्नाटे मे
शायद मेरे जैसा तन्हाई का कोई मारा होगा
अब तो बस उसी किसी एक का इन्तज़ार है,
किसी और का ख्याल ना दिल को ग़वारा होगा

ऐ ज़िन्दगी! अब के ना शामिल करना मेरा नाम
ग़र ये खेल ही दोबारा होगा
जानता हूँ अकेला हूँ फिलहाल
पर उम्मीद है कि दूसरी ओर ज़िन्दगी का कोई और ही किनारा होगा

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5 Comments
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  1. वाह...
    मयंक जी आप तो बहुत अच्छे कवि भी हैं माशा अल्लाह
    बधाई.

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  2. आपकी प्रस्तुति बहुत अच्छी और मन को छूती है |
    आशा

    ReplyDelete

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