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आज की मेरी पोस्ट किसी तकनिकी से जुडी नहीं है बल्कि आज की पोस्ट उस मेल की है जो मेरे पास आई थी आप भी पढ़े वो मेल

Sir, main ek viklang boy hoon. Main pairo se chal nahi pata hoon. Main computer me m.s.office , dtp, internet janta hoon. Aapse nivedan hai ki koi computer ka work ho jo ghar se kar saku. Bataie. Main garib parivaar ka hoon.

इनकी मेल पढ़कर मेने इन्हें बोला की अगर आपके लिए कुछ काम होगा तो जरुर बताऊंगा फिर मेरे मन में विचार आया कि अगर मैं इनके बारे में अपने ब्लॉग पर बताऊ तो ज्यादा अच्छा होगा क्युकी रोज मेरे ब्लॉग को पढने वालो की संख्या हजारो में होती है और भारत के अलावा और भी देश से लोग मेरे ब्लॉग को पढ़ते है जिसे आप निचे दिए हुवे चित्र पर क्लीक करके बड़ा करके देख सकते हो
मेरे ब्लॉग से बहुत से ऐसे लोग भी जुड़े हुवे है जो बहुत सी संस्था से जुड़े है और काभी कुछ अपने ब्लॉग पर लिखते है बहुत से साथी अपनी किताबे भी छापते है क्या पता इन्ही में से कोई ब्लोगर साथी श्रीवास्तव जी को कोई ऐसा काम दे दे जिसे वो अपने घर से बेठे बेठे ही कर दे
बस ये ही बात सोचकर मेने श्रीवास्तव जी से इनके बारे में ब्लॉग पर लिखने कि अनुमति मांगी तो इन्होने अपने बारे में लिख कर मुझे भेजा जो कि मैं निचे दे रहा हु आप लोग भी पढ़े


मेरी उम्र 27 वर्ष है। मैं पहले विकलांग नहीं था। मैंनें जिला उद्योग केन्द्र (सरकारी कार्यालय) मे प्राइवेट रूप से वर्ष 2002 से वर्ष 2008 तक कम्प्यूटर आपरेटर के रूप में एम०एस०ऑफिस, हिन्दी अंग्रेजी में डाटा इंट्री, इंटरनेट पर कार्य किया है। मैने वर्ष 2005 में निजी (छोटा) कम्प्यूटर सेन्टर शुरू किया। ये मेरे दोनो कार्य एक साथ सुचारू रूप से चल रहे थे। पर अचानक वर्ष 2008 में मेरी तबियत खराब हो गयी और चिकित्सकीय जांच के दौरान पता चला कि मेरे सरवाइकल स्पाइन मे खराबी हो गई है और मुझसे एक साथ दों आपरेशन कराने के लिए कहा गया। यह दोनो आपरेशन मैनें वर्ष 2008-दिसम्बर में पी०जी०आई, लखनऊ में कराये। दुर्भाग्यवश आपरेशन सफल न होने के कारण मैं पैरों से अब चल नहीं पाता हु। दो आपरेशन होने के कारण लगभग तीन वर्ष तक बेडरेस्ट पर रहा, जिसके कारण मेरे सभी प्रकार के कार्य छूट गये, कम्प्यूटर सेन्टर भी बंद हो चुका था। मेरे सभी आर्थिक श्रोत बंद हो चुके थे।
वृद्ध माता और पिता की पूंजी मेरे आपरेशन व इलाज में खर्च हो गयी। न चल पाने के कारण मेरा ज्यादा कहीं आना-जाना नहीं हो पाता है। मैं उपरोक्त से सम्बंधित सभी कार्य घर में कम्प्यूटर पर कर सकता हु।

इनके ऊपर जो बिता आप सब ने पढ़ ही लिया होगा तो अगर आपमें से किसी के पास कोई भी काम हो तो इनसे जरुर करवाए ये आपका काम घर बेठे बेठे ही कर देंगे मैंने अपने ब्लॉग के साईट बार में इनके बारे में एड भी दिया है ताकि कोई भी इनसे कांटेक्ट कर के डीटीपी से जुड़ा कोई भी काम करा सकता है इनसे काम करने के बाद इनके काम की कीमत जरुर दे इनका नाम और पता सब में निचे लिख रहा हु उम्मीद करता हु कि कोई न कोई तो होगा जो इन्हें जॉब देगा एक ऐसी जॉब जिसे ये घर बेठे बेठे ही कर पाएंगे और अपने वर्द्ध माता पिता का सहरा बनेगे और घर के खर्चे उन पेसो से उठायेंगे जो ये आपका काम करके कमाएंगे
इनका नाम ये है

जीतेन्द्र/रोहित श्रीवास्तव
मो० वैटगंज, डॉ० भूरा की गली,
हरदोई, उ०प्र०, भारत।
ई-मेल पता-rsri189@gmail.com
कान्टेक्ट नम्बर : +91-8896741369


एजुकेशन - स्नातक
कम्प्यूटर ज्ञान -
हिन्दी व अंग्रेजी में डाटा इंट्री
(ऑनलाइन व ऑफलाइन)
एम०एस०ऑफिस, डी०टी०पी० व इन्टरनेट।

और चलते चलते एक बात और बोलना चाहूँगा की इनके बारे में आप भी अपने ब्लॉग या फेसबुक पर लिख सकते है चाहो तो मेरी ही पोस्ट को कॉपी करके लोगो तक पंहुचा सकते हो ताकि इन्हें जल्दी से जल्दी कोई काम मिल जाये अगर आपके इस छोटे से प्रयास से इनको काम मिल जाता है तो इनकी जिन्दगी सवर जाएगी.............

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Mayank Bhardwaj

                    ------------चेतावनी----------- 
इस profile में लिखी गयी सारी बातें सत्य घटना पर आधारित हैं । इन बातों का किसी और व्यक्ति/घटना से किसी भी प्रकार से मिलना (वैसे किसी से मिलेगी नही) महज़ एक संयोग समझा जाएगा । ********************** मैं एक नम्बर का लुच्चा, लफंगा, आवारा, बद्तमीज़, नालायक, बदमाश, दुष्ट, पापी, राक्षस (और जो बच गया हो उसे भी जोड़ लो) कतई नही हूँ यार । हाँ दारू, सुट्टा, गाँजा, अफ़ीम, हेरोइन वगैरह……अबे ये सब भी नही पीता हूँ यार मैं बहुत होनहार , सीधा-साधा , सबको प्यार करने वाला , नेक दिल , ईमानदार, हिम्मती, शरीफ़ (अबे पूरे शरीर से शराफ़त टपकती है भाई), भोलाभाला (बस भोला हूँ भाला वगैरह नही रखता यार………अबे आदिवासी ठोड़े ही हूँ) लडका हूँ 

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19 comments so far,Add yours

  1. अब तक की यह आपकी सबसे बढ़िया पोस्ट है। मुझको सरकार के ऊपर गुस्सा आती है जो कि बेरोजगारों को तो 1000 रूपया और गरीबों को 400 रूपया भत्ता देती है। लेकिन विकलांगों को केवल 300 रूपया। ऊंट के मुंह में जीरा।

    ऐसी ही कुछ परेशानी मेरे साथ भी है।

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  2. मयंक भाई आपका यह प्रयास अत्यंत ही प्रशंसनीय है !
    हार्दिक शुभ कामनाएं !!!

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  3. दिल को छु लेने वाली पोस्ट हुई ,,,

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  4. बहुत खूब सबसे बढिया पोस्‍ट रही आपकी फेसबुक पर शेयर की गई

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  5. आज पहली बार आपने दिल खुस कर दिया है ...मै अपने लेवल पर कुछ करने की कोशिस करूंगा

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  6. इसे कहते हैं गरीबो के मसीहा ...बहुत अच्छा प्रयास....धन्यवाद !

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  7. ये तो बहुत बढिया प्रयास है। देखते हैं क्या करवा सकते हैं। शुभकामनायें।

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  8. मायक भाई कृपया इनसे पता करके बताएं की इन्हें कितनी सहायता प्राप्त हुई. कल हम लोगो ने बहुत प्रयास किया.

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  9. Abhi tak mujhe sirf ek mail mila hai, Aap logo ki Help ke intzaar me. Rohit Srivastava

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  10. ये एक अच्छी कोशिश है।उम्मीद है की जरुर रंग लाएगी।पर थोडा सब्र करना होगा।

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  11. मित्र मयंक, यह भी तो लिखो कि इनको कितना काम मिला।

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  12. Hi,

    i can help Rohit, i will pay Rs10/post upto 25 articles and Rs20/post after 20 articles. If Rohit is interested. please let me know

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  13. please email me @ dr.ravins@gmail.com

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  14. Main kuch kar paun,ye kahna to mushkil hai but jo prayaas aapne kiya hai vah bahut hee sarahaneey hai.

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  15. mayank sir mera bada bhai viklang hai aur usne 12th class science math pass ki thi
    aur uska chayan engneer college ho to gaya lekin usko engineering kara nahi sake kyoki college walo saph mana kar diya vikalang(dono pero so bachpan se hai )engneering nahi kar sakata hai to isliye humane use B.SC
    kara rahe hai karpya aapse nivendan hai ki aap uske layak aaghe ke field batye

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  16. बहोत अच्छा मयंक भाई आप बहोत अच्छा काम कर रहे हो।
    आज तो आपने मेरा भी दिल जीत लिया।

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