bookmark synchronization


आपने मेरी पिछली पोस्ट में बुकमार्क्स सोफ्टवेयर के बारे में देखा था आज भी मैं आपको ऑनलाइन बुकमार्क्स को सेव करने की बेहतरीन साईट के बारे में बता रहा हु बुकमार्क्स वो सुविधा है जो आपके वेब पेज को सेव कर लेता है और एक ही क्लीक करने पर आपको उस साईट पर पंहुचा देता है जो आपने सेव करी थी बुकमार्क्स न सिर्फ आपका कीमती वक्त बचाते हैं बल्कि पसंदीदा वेब पेज को ढूंढने की जहमत से भी बचाते हैं। अब जरुरी तो नहीं है हम पुरे दिन अपने कंप्यूटर से ही ऑनलाइन हो कभी कभी अपने ऑफिस या किसी और के कंप्यूटर से भी ऑनलाइन होना पड़ सकता है ऐसे में हम सोचते है काश जो आपके कंप्यूटर में बुकमार्क्स सेव है वो इस कंप्यूटर में खुल जाते 
अब आपको ऐसा सोचने की जरुरत नहीं पड़ेगी क्युकी मैं आपको एक ऐसी ऑनलाइन साईट पर लेकर चलता हु जहा आप अपने बुकमार्क को सेव कर सकते है और कही से भी कभी भी खोल सकते है इस साईट की सबसे अच्छी बात ये है की आप किसी भी वेब ब्राउजर का इस्तेमाल कर रहे हो ये सबको स्पोट करता है इसे डालने के बाद आपके वेब ब्राउजर में एक बटन बना हुवा आ जाता है इस पर क्लीक करते ही आपके सारे बुकमार्क्स अपने आप ही ऑनलाइन सेव हो जाते है मेरे लिए तो ये बहुत ही बेहतरीन साईट है आपको पता नहीं पसंद आएगी या नहीं अब मैं कही से भी इंटरनेट का इस्तेमाल करू लेकिन अपने कंप्यूटर के बुकमार्क्स को एक क्लीक करते ही कही से भी खोल सकता हु अगर आप भी ऐसा ही  चाहते है तो यहाँ क्लीक करके वो प्लग इन टूल डाउनलोड कर ले जिससे आपके सारे बुकमार्क्स ऑनलाइन सेव हो जायेंगे जिसे आप अपनी आईडी और पासवर्ड डाल कर ही खोल सकते हो यह इंटरनेट पर बेहतरीन वेबसाइटों की खोज करने के साथ-साथ बुकमार्क्स की सर्च करने और उन्हें ऑगेर्नाइज करने की भी शानदार सुविधा देता है। यह इंटरनेट एक्सप्लोरर, फायरफॉक्स, सफारी और गूगल क्रोम के लिए उपलब्ध है। और इस साईट की सबसे बड़ी खाशियत ये है कि जो साईट आपने बुकमार्क्स करी है उन साईट को  आप बिना खोले बस एक क्लीक करते ही उन साईट को छोटी सी विंडो में देख सकते है 
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Mayank Bhardwaj

                    ------------चेतावनी----------- 

इस profile में लिखी गयी सारी बातें सत्य घटना पर आधारित हैं । इन बातों का किसी और व्यक्ति/घटना से किसी भी प्रकार से मिलना (वैसे किसी से मिलेगी नही) महज़ एक संयोग समझा जाएगा । ********************** मैं एक नम्बर का लुच्चा, लफंगा, आवारा, बद्तमीज़, नालायक, बदमाश, दुष्ट, पापी, राक्षस (और जो बच गया हो उसे भी जोड़ लो) कतई नही हूँ यार । हाँ दारू, सुट्टा, गाँजा, अफ़ीम, हेरोइन वगैरह……अबे ये सब भी नही पीता हूँ यार मैं बहुत होनहार , सीधा-साधा , सबको प्यार करने वाला , नेक दिल , ईमानदार, हिम्मती, शरीफ़ (अबे पूरे शरीर से शराफ़त टपकती है भाई), भोलाभाला (बस भोला हूँ भाला वगैरह नही रखता यार………अबे आदिवासी ठोड़े ही हूँ) लडका हूँ 

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3 comments so far,Add yours

  1. आपकी उम्दा प्रस्तुति कल शनिवार (28.05.2011) को "चर्चा मंच" पर प्रस्तुत की गयी है।आप आये और आकर अपने विचारों से हमे अवगत कराये......"ॐ साई राम" at http://charchamanch.blogspot.com/
    चर्चाकार:Er. सत्यम शिवम (शनिवासरीय चर्चा)

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  2. बढिया जानकारी }

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