e post office online

भारतीय डाक विभाग भी धीरे-धीरे हाइटेक हो रहा है। अब आपको पोस्ट ऑफिस की लंबी कतार मे लगने की जरूरत नही है। सब कुछ बस एक क्लिक पर उपलब्ध होगा। आप (www.epostoffice.gov.in) पर लॉग ऑन करके सारी जानकारी ले सकते है। इस साइट पर मनी ऑडर करने और पंजीकृत डाक के ई-ट्रेकिंग की सुविधा उपलब्ध है। वेबसाइट पर लॉग इन करने के बाद कंप्यूटर स्क्रीन पर एक वर्चुअल पोस्ट ऑफिस बन जाता है। ई-पोस्ट ऑफिस टिकट संग्रह के प्रति उत्साही लोगो की आवश्यकताओं को पुरा करता है। टिकट और मनी ऑर्डर का भुगतान ऑनलाइन बैकिंग की तरह सुरक्षित गेटवे की तरह किया जाता है। वेबसाइट पर मनी ऑडर के दो रूप उपलब्ध है पहला तत्काल मनी ऑडर (आईएमओ) और दूसरा इलेक्ट्रोनिक ऑडर (ईएमओ) इस सेवा का लाभ उठाने के लिए आपको पहले इस साइट पर पंजीकरण करना होगा। आईएमओ के सेवा से ग्राहको द्वारा भेजी गई राशि संबधित व्यक्ति को 24 घंटे के भीतर पहचान पत्र दिखने पर दे दी जाती है। इस स्कीम के तहत अधिकतम 50,000 रूपए भेजे जा सकते है। इसमे 19,999 रूपए कैश के रूप मे दिए जाते है और बची हुई राशि चैक या बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर दी जाती है। जबकि ईएमओ सेवा अभी शुरू होने वाली है।
Share To:

Mayank Bhardwaj

                    ------------चेतावनी----------- 
इस profile में लिखी गयी सारी बातें सत्य घटना पर आधारित हैं । इन बातों का किसी और व्यक्ति/घटना से किसी भी प्रकार से मिलना (वैसे किसी से मिलेगी नही) महज़ एक संयोग समझा जाएगा । ********************** मैं एक नम्बर का लुच्चा, लफंगा, आवारा, बद्तमीज़, नालायक, बदमाश, दुष्ट, पापी, राक्षस (और जो बच गया हो उसे भी जोड़ लो) कतई नही हूँ यार । हाँ दारू, सुट्टा, गाँजा, अफ़ीम, हेरोइन वगैरह……अबे ये सब भी नही पीता हूँ यार मैं बहुत होनहार , सीधा-साधा , सबको प्यार करने वाला , नेक दिल , ईमानदार, हिम्मती, शरीफ़ (अबे पूरे शरीर से शराफ़त टपकती है भाई), भोलाभाला (बस भोला हूँ भाला वगैरह नही रखता यार………अबे आदिवासी ठोड़े ही हूँ) लडका हूँ 

Post A Comment:

10 comments so far,Add yours

  1. आखिर भारतीय डाक हाई टेक हो ही गया...:N

    ReplyDelete
  2. website ka interface to ekdam 3D hai ye to bahut jayda hi-tech ho gaya...:s

    ReplyDelete
  3. ये तो बडे काम की जानकारी है। धन्यवाद। शुभकामनायें।

    ReplyDelete
  4. वो सब तो ठीक है, पर काउंटरों की पीछे बैठे उन गंवार बाबुओं और झल्ली औरतों से कब पीछा छूटेगा...

    ReplyDelete
  5. रजिस्टर्ड आर्टिकल तो वहीं जाकर जमा करवाना होगा ।

    ReplyDelete

क्या आप को ये पोस्ट अच्छा लगा तो अपने विचारों से टिपण्णी के रूप में अवगत कराएँ