बिना कमेन्ट के भी मै खुश हु।

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आज कुछ अलग लिखने का मन करा तो सोचा कुछ ऐसा लिखू जो मेरी जिन्दगी से जुड़ा हो और जिसमे से कुछ आपकी जिन्दगी से भी जुड़ा होगा

जिंदगी है छोटी पर हर पल मे आज खुश हुं
आज पनीर नही है दाल मे ही खुश हुं।
आज गाड़ी मे जाना है वक्त नही
दो कदम चल कर ही खुश हु।
आज किसी का साथ नही
किताब पढ कर ही खुश हुं।
आज कोई नराज है
उसके इस अंदाज मे भी खुश हुं।
जिसको देख नही सकता
उसकी आवाज मे भी खुश हुं।
जिसको पा नही सकता
उसकी याद मे भी खुश हुं।
आने वाले पल का पता नही
सपनो मे ही खुश हुं।
हंसते हंसते ये पल बितेंगे
ये सोच कर ही खुश हुं।
जिंदगी है छोटी हर पल मे खुश हुं।
कैसा लगा अगर दिल को छुआ तो कमेन्ट करना
वरना बिना कमेन्ट के भी मै खुश हुं।