pen drive information in hindi


यदि कंप्यूटर सेवी हैं तो आप आजकल पेन ड्राइव खूब इस्तेमाल करते होंगे। इसे लोग फ्लैश ड्राइव के रूप में भी जानते हैं। यह छोटी सी डिवाइस बेहद उपयोगी तो है ही, लेकिन साथ-साथ काफी नाजुक भी होती है। इसीलिए जरूरी यह है कि इसकी देखभाल आप ठीक से करें। आइए बताते हैं पेन ड्राइव को ठीक-ठाक रखने के कुछ टिप्स :
- इस समय मार्केट में इनकी बेशुमार वैरायटी मिलती है लेकिन जरूरी है कि आप सस्ते चाइनीज़ फ्लैश ड्राइव लेने की बजाय ब्रांडेड ही खरीदें। इनमें भी ट्रांसेंड के अलावा किगंस्टन, सेंडडिस्क अच्छे माने जाते हैं।
- ज्यादा छोटा फ्लैश ड्राइव न लें तो बेहतर है, वरना इनके खोने का डर हमेशा बना रहता है। कोशिश कीजिए कि पेन ड्राइव के साथ स्ट्रैप भी हो, अगर नहीं है तो आप मोबाइल फोन के जैसे स्ट्रैप इसके लिए भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे इनके खोने का डर घटेगा।
- पेन ड्राइव खरीदने से पहले अपने जरूरत के बारे मे सोच लें। शायद 8 जीबी के एक डिवाइस की बजाय 4-4 जीबी के पेन ड्राइव रखें तो बेहतर होगा। इसका कारण यह है कि एक पेन ड्राइव खराब हो जाए या खो जाए तो दूसरा तो काम करता रहेगा।
- पतले से पतला पेन ड्राइव लेने की कोशिश करें, क्योंकि अक्सर कंप्यूटर में बने पोर्ट एक दूसरे के बेहद करीब होते हैं और दो पेन ड्राइव एक साथ लगाने मे दिक्कत हो सकती है।
- पेन ड्राइव को फॉरमैट करते समय इसको फैट32 फाइल सिस्टम मे फारमैट करें। इसका फायदा यह है कि अगर आपको इसको कई नए-पुराने पुराने ऑपरेटिंग सिस्टम पर यूज करना पड़े तो दिक्कत नहीं होगी।
- जब भी आप कहीं बाहर अपना लैपटॉप या कंप्यूटर प्रयोग करना हो तो जाते समय पेन ड्राइव को साथ लेना न भूलें। यह अक्सर होता है कि लोग साइबर कैफे वगैरह में पेन ड्राइव भूल कर चले आते हैं। ऑफिस से निकलते समय भी पेन ड्राइव का उपयोग करने के बाद इसको निकालना न भूलें। और हां जरूरी यह भी है कि आप इसको सेफ बाहर निकालने की प्रक्रिया से ही बाहर निकालें। ऐसा न करने पर आपके पेन ड्राइव की उम्र कम होती है और कभी-कभी तो ये अचानक ही काम करना बंद कर सकती है।
- पेन ड्राइव को पानी और नमी से हमेशा बचाएं क्योंकि नमी इसकी दुश्मन है। अगर कभी पेन ड्राइव भीग जाये तो उसे तुरंत कंप्यूटर में न लगाएं। पहले इसको हवा या धूप में पूरी तरह सुखा लें, उसके बाद ही प्रयोग करें।
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Mayank Bhardwaj

                    ------------चेतावनी----------- 

इस profile में लिखी गयी सारी बातें सत्य घटना पर आधारित हैं । इन बातों का किसी और व्यक्ति/घटना से किसी भी प्रकार से मिलना (वैसे किसी से मिलेगी नही) महज़ एक संयोग समझा जाएगा । ********************** मैं एक नम्बर का लुच्चा, लफंगा, आवारा, बद्तमीज़, नालायक, बदमाश, दुष्ट, पापी, राक्षस (और जो बच गया हो उसे भी जोड़ लो) कतई नही हूँ यार । हाँ दारू, सुट्टा, गाँजा, अफ़ीम, हेरोइन वगैरह……अबे ये सब भी नही पीता हूँ यार मैं बहुत होनहार , सीधा-साधा , सबको प्यार करने वाला , नेक दिल , ईमानदार, हिम्मती, शरीफ़ (अबे पूरे शरीर से शराफ़त टपकती है भाई), भोलाभाला (बस भोला हूँ भाला वगैरह नही रखता यार………अबे आदिवासी ठोड़े ही हूँ) लडका हूँ 

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8 comments so far,Add yours

  1. बढिया जानकारी।

    आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
    प्रस्तुति कल के चर्चा मंच का आकर्षण बनी है
    कल (9/12/2010) के चर्चा मंच पर अपनी पोस्ट
    देखियेगा और अपने विचारों से चर्चामंच पर आकर
    अवगत कराइयेगा।
    http://charchamanch.blogspot.com

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  2. यह पोस्ट बहुत अच्छी लगी बहुत बहुत बधाई |
    आशा

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  3. वाह.....इतनी व्यवहारिक जानकार के लिए..... साधुवाद.

    आगे भी उम्मीद है....

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  4. बहुत अच्छी और उपयोगी जानकारी दी है ...आभार

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  5. इस उपयोगी जानकारी के लिए आभार।

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  6. ज्ञानवर्धक पोस्ट...

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  7. सर बहोत खास जानकारी....धन्यवाद..नरेन भारती नादेद..

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  8. kuch wifi hackingke software kelinkbhi dijiye Sir

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