Computer Ergonomics for Children


अगर आप घर मे कंप्यूटर या लैपटाप का इस्तेमाल करते है तो निश्चित रूप से रिपीटेटिव स्ट्‌ेन इंजूरी यानी आरएसआई से परिचित हागें। आमतौर पर कंपनियां अपने कर्मचारीयो को इससे बचाने के उपाय करती है। कंप्यूटर की पोजिशनिंग से लेकर कुर्सियो तक की सेटिंग ऐसी होती है जिससे आरएसआई से बचा जा सकता है। आफिस के लिए तो यह ठिक है पर घर के कंप्यूटर या लैपटाप पर काम करते हुए क्या होगा अगर आप होम कंप्यूटर या लैपटाप पर ज्यादा देर तक काम करते है तो आरएसआई का ज्यादा खतरा रहता है। आंखो मे डइनेस से लेकर कंधों, हाथों, कलाइयों और पीठ मे अकड़न और दर्द की शिकायत होने लगती है। इसके बारे मे ज्यादा विस्तार से जानने के लिए आप (www.avoidrsi.com) की मदद ले सकते है।

इस साइट के मुताबिक गर्दन और पीठ की अकड़न इसकी सबसे पहली निशानी है। कई बार इसकी अकड न और दर्द इतना बढ जाता है कि डाक्टर की मदद लेने की नौबत आ जाती है। इसलिए यह जरूरी है कि आप कंप्यूटर या लैपटाप पर काम करते हुए आराम की स्थिति मे रहें।
सबसे पहले जानते है कि कंप्यूटर की पोजिशनिंग क्या हो। आप चाहे डेस्कटाप पर काम कर रहे हो या लैपटाप पर सबसे पहली जरूरत यह है कि कंप्यूटर बिल्कुल समतल जगह पर रखा हो। यह जरूरी नही कि कंप्यूटर रखने की जगह बहुत बड़ी हो लेकिन यह जरूरी है कि ढेर सारी चीजें एक साथ गडबड कर के नही रखी गई हो। यानी एक ही टेबल पर कंप्यूटर, मानिटर, प्रिटर, रूटर आदि लगा हो तो इसका अर्थ होगा कि आपके बैठने का तरीका ठीक नही है। आपके सारे सिस्टम किस तरह से लगाए जाएं ताकि आपको तकलीफ न हो यह जानने के लिए (www.openerg.com/dse/mainfrom.html) पर जाए। आपको यहा पर अपने कंप्यूटिंग एरिया को ठिकठाक करने की सलाह मिल जायेंगी।

आप चाहे हमेशा कंप्यूटर पर काम करते हो या कभी कभी काम करते हो इस बात का ध्यान रखे कि आप हर एक घंटे मे पांच से दस मिनट का ब्रेक ले। स्वास्थ्य और सुरक्षा के बारे मे सलाह देने वाली साइट (www.tinyurl.com/ghoyog) पर जाकर इस बारे मे ज्यादा जानकारी ली जा सकती है। अगर आप हर घंटे ब्रेक लेना भूल जाते है तो एक टाइमर सेट कर ले जो हर 50 मिनट पर ब्रेक लेने के बारे मे याद दिलाए। अगर इससे भी बात नही बनती है तो वर्करेव workrave की मदद ली जा सकती है। यह एक फ्री प्रोग्राम है। आप इसमे जो समय तय करेंगे उस समय इसका पापअप खुल जाएगाजो आपको याद दिलाएगा कि अब ब्रेक लेने का समय हो गया है। जब आप इसे डाउनलोड करेंगे तो जो विन्डो सामने आएगा उसमे एक डिफाल्ट सैटिंग होगी इसे आप अपनी जरूरत के मुताबिक सेट कर सकते है। वर्करेव की खासियत यह भी है कि इसमे सिर्फ आपको ब्रेक के बारे मे ही याद नही दिलाया जाएगा बल्कि ब्रेंक के दौरान किस तरह के एक्सरसाइज करने से आपकी बाडी को आराम मिलेंगा और सेहत ठीक रहेंगी उसके बारे मे भी बताया जाएगा।

अगर आप लैपटॉप का इस्तेमाल करते है तो आपको और सावधान रहने की जरूरत है। आमतौर पर लोग लैपटॉप को अपने हिसाब से इस्तेमाल करने लगते है ज्यादातर लोग लेट कर या सोफे पर बैठ कर या अपने पैरो पर रख कर लैपटॉप का इस्तेमाल करते है यह गलत है पैरो के उपर रख कर लैपटॉप का इस्तेमाल करने से इसकी गर्मी से नुकसान की आशंका है। इसकी दूसरी समस्या यह है कि इसके कीबोर्ड स्क्रीन से काफी नजदीक होते है इसलिए काम भी स्क्रीन के पास आंख लगा कर ही करना होता है। स्क्रीन के नजदीक होने से आंखो को नुकयान होता है और दूसरे झुक कर काम करना होता है जिसकी वजह से कमर और पीठ मे भी समस्या आती है। लैपटॉप के टचपैड का भी ज्यादा इस्तेमाल करने से कलाइयों मे दर्द की शिकायत होती है। इसलिए लैपटॉप इस्तेमाल करने वालो को बेहतर पोस्चरिंग की बेहद जरूरत होती है। इसकी सबसे पहली जरूरत यह है कि लैपटॉप बराबर जगह पर रखा हो और स्क्रीन की उँचाई आपकी आंखो के बराबर हो। यानी स्क्रीन आपकी आंखो के ठिक सामने हो। स्क्रीन नीचे हाने पर आपको झूक कर काम करना होता है। लैपटॉप सही ठंक से इस्तेमाल करने के लिए आप (www.ergoindemand.com/laptop-computer-ergonomics.html) पर जाकर जानकारी ले सकते है इसके अलावा (www.tinyurl.com/oqz9m) पर जाकर वीडियो देख कर कुछ एक्सरसाइज के बारे मे जान सकते है। ज्यादातर लैपटॉप कम से कम एक यूएसबी पोर्ट के साथ आते है इसलिए अगर टचपैड के कारण आपको कुछ समस्या आती है तो माउस खरीद सकते है। टीवी देखते हुए लैपटॉप का इस्तेमाल करना ठीक नही है।

अगर आपके घर मे बच्चे भी कंप्यूटर का इस्तेमाल करते है तो आपको ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। कंप्यूटर या लैपटाप के ज्यादा इस्तेमाल से आरएसआई का खतरा ज्यादा होता है। इसलिए बच्चो को कंप्यूटिंग एरिया और उनके बैठने व काम करने के तरीके पर विशेष रूप से ध्यान देना चाहिए। इस बारे मे विस्तार से जानने के लिए आप (www.tinyurl.com/oxmdkt) पर जा सकते है, यहां वीडियो देख कर आप बच्चो को इस बारे मे बता सकते है।
आप उपर दी गई साइट्‌स के मुताबिक कुछ छोटे छोटे बदलाव करके आरएसआई के रिस्क को कम कर सकते है।
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Mayank Bhardwaj

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इस profile में लिखी गयी सारी बातें सत्य घटना पर आधारित हैं । इन बातों का किसी और व्यक्ति/घटना से किसी भी प्रकार से मिलना (वैसे किसी से मिलेगी नही) महज़ एक संयोग समझा जाएगा । ********************** मैं एक नम्बर का लुच्चा, लफंगा, आवारा, बद्तमीज़, नालायक, बदमाश, दुष्ट, पापी, राक्षस (और जो बच गया हो उसे भी जोड़ लो) कतई नही हूँ यार । हाँ दारू, सुट्टा, गाँजा, अफ़ीम, हेरोइन वगैरह……अबे ये सब भी नही पीता हूँ यार मैं बहुत होनहार , सीधा-साधा , सबको प्यार करने वाला , नेक दिल , ईमानदार, हिम्मती, शरीफ़ (अबे पूरे शरीर से शराफ़त टपकती है भाई), भोलाभाला (बस भोला हूँ भाला वगैरह नही रखता यार………अबे आदिवासी ठोड़े ही हूँ) लडका हूँ 

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  1. आपका हर एक पोस्ट बहुत ही बढ़िया और जानकारी से भरपूर होता है! बेहतरीन और ज्ञानवर्धक पोस्ट!

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