epic privacy browser


‘इपिक’ के बारे में आप मेरी पिछली पोस्ट में देख चुके है आइये आज इसके बारे और जानकारी ले


इंटरनेट रूपी रथ का सारथी है ब्राउजर। बिन ब्राउजर नेट की जादुई दुनिया की सैर मुमकिन नहीं। अब इसी सैर को और रोमांचक बनाने आ गया है ‘इपिक’। खासतौर पर भारतीय उपयोक्ताओं की जरूरतों को ध्यान में रखकर गढ़ा गया यह ब्राउजर अपने आप में अलग है। इस साल 15 अगस्त को इंटरनेट को भारत में आए 15 साल पूरे होंगे। इतने वर्षो से एक अदद भारतीय ब्राउजर की बाट जोह रहे भारतीय नेट यूजर्स के लिए ‘इपिक’ लंबे इंतजार का तोहफा है।
तो आइए पहले जान लेते हैं कि ‘इपिक’ की खूबियां क्या हैं?
‘इपिक’ संभवत: पहला ऐसा निशुल्क ब्राउजर है, जिसमें इनबिल्ट एंटी वायरस और एंटी स्पाइवेयर स्कैनिंग की सुविधा है। इएसईटी का यह एंटी वायरस उपयोक्ताओं को साइट सर्फिग के दौरान बेहतरीन सुरक्षा मुहैया कराता है।
‘इपिक’ इकलौता ऐसा ब्राउजर है, जो हिन्दी, गुजराती, मराठी, कन्नड़, तेलुगु, बंगाली, तमिल, मलयालम, उर्दू और पंजाबी समेत 12 भाषाओं को पूरी तरह सपोर्ट करता है। आप इसी ब्राउजर में इन 12 भाषाओं में लिख सकते हैं। आपको इन भाषाओं में टाइपिंग का ज्ञान है तो अच्छी बात है। नहीं है, तो भी कोई बात नहीं। आप रोमन लिपी में लिखिए। ब्राउजर उसे हिन्दी, मराठी, गुजराती आदि भाषा में बदल देगा, यानी ट्रांसलिट्रेशन की सुविधा है।
वर्ड प्रोसेसर इपिक ब्राउजर के साथ जुड़ा हुआ है। अगर नेट सर्फिग करते हुए अचानक आपके मन में कुछ लिखने या नोट करने का ख्याल आता है तो इसके लिए आपको वर्ड डॉक्यूमेंट या नोटपैड खोलने की आवश्यकता नहीं है। फाइल बैकअप और माय कंप्यूटर जैसी सुविधाएं भी ब्राउजर में निहित हैं।
‘इपिक’ की खासियतों की सूची यहीं खत्म नहीं होती। दरअसल, इपिक को बनाने वाली बेंगलुरु की कंपनी हिडन फ्लैक्स ने वर्तमान भारतीय नेट यूजर्स की जरूरतों और आदतों को बारीकी से परखकर ब्राउजर बनाया है। लिहाजा, इसमें वो तमाम सुविधाएं देने की कोशिश की गई है, जिन्हें भारतीय उपयोक्ता चाहते हैं। मसलन फेसबुक, ऑर्कुट और ट्विटर जैसी सोशल नेटवर्किग साइट्स का लिंक ब्राउजर के साइड बार में है।
ब्राउजर खोलते ही आप इन सोशल नेटवर्किग साइट्स की दुनिया में भी स्वत: दाखिल हो जाते हैं (यदि पासवर्ड सेव है तो)। जी-मेल और याहू मेल सेवा तक भी ब्राउजर के एक लिंक की मदद से पहुंचा जा सकता है। इसके लिए ब्राउजर में अलग विंडो खोलने की आवश्यकता नहीं है।
सोशल नेटवर्किग साइट की तरह भारतीयों के बीच न्यूज साइट और गेम साइट भी खासी लोकप्रिय हैं। लिहाजा, नेट उपयोक्ता की इस खुराक का भी इंस्टेंट इलाज किया गया है। ब्राउजर के बाईं तरफ बने पैनल में सबसे ऊपर इंडिया नाम का एक लिंक है, जिसमें तमाम स्रोतों से खबरें लेकर एक जगह परोस दी गई हैं।


इनमें  हिन्दी, अंग्रेजी और क्षेत्रीय भाषाओं में समाचारों की व्यवस्था है। खेल, व्यापार आदि श्रेणियों में भी समाचार हैं। अगर आप चुटकुले पढ़ना चाहते हैं, तो उसकी भी व्यवस्था है और अगर लाइव टेलीविजन देखना चाहते हैं, तो उसकी भी।
ब्राउजर के जरिए ही आप यू-टय़ूब के वीडियो देख सकते हैं और यह भी जानकारी रख सकते हैं कि आपने हाल-फिलहाल कौन से वीडियो देखे। वैसे, बाकी ब्राउजर्स में भी प्लग-इन इंस्टॉल करके ज्यादातर सुविधाएं पाई जा सकती हैं, लेकिन इस ब्राउजर की विशेषता यह है कि आपको अलग से प्लग-इन इंस्टॉल करने की जरूरत नहीं है और ज्यादातर फीचर इनबिल्ट हैं।
इपिक ब्राउजर को भारतीय रंग में रंगने के लिए 1500 से अधिक थीम मुहैया कराई गई हैं। इनमें पसंदीदा स्वतंत्रता सेनानी से लेकर कलाकार तक शामिल हैं, जो अनेकता में एकता का संदेश देते हैं। कंपनी का दावा है कि इपिक वेब पेज को बेहद तेजी से खोलता है क्योंकि इसकी फाइल सिर्फ 10 एमबी की है, जो झटके में इंस्टल हो जाती है। हालांकि, एंटी वायरस सॉफ्टवेयर कंप्यूटर हार्ड डिस्क में 25 एमबी की जगह लेता है।
निश्चित ही इपिक पर काम करना अपने आप में अलग अनुभव है क्योंकि इस तरह का कोई ब्राउजर दिखता नहीं है, जहां एक ही मंच पर कई सारे एप्लीकेशन्स को जोड़ दिया गया हो। इससे न केवल नेट सर्फिग सुगम होती है, बल्कि समय की भी बचत होती है।
मोजेला के प्लेटफॉर्म पर बने ‘इपिक’ को 15 जुलाई को लॉन्च किया गया है। इसलिए ब्राउजर के बारे में किए गए दावों में कितना दम है- ये आने वाले वक्त में पता चलेगा। लेकिन, अहम सवाल है कि क्या इंटरनेट एक्सप्लोरर, फायरफॉक्स, क्रोम और ओपेरा जैसे विश्व विख्यात ब्राउजरों के बीच ‘इपिक’ अपनी कोई जगह बना पाएगा? निश्चित तौर पर यह आसान नहीं है। वैश्विक उपस्थिति तो अभी दूर की कौड़ी है, लेकिन अगर ‘इपिक ’ भारतीय ब्राउजर बाजार में भी एक हिस्सा झटक पाया तो यह एक नए अध्याय की शुरुआत होगी।
Share To:

Mayank Bhardwaj

                    ------------चेतावनी----------- 
इस profile में लिखी गयी सारी बातें सत्य घटना पर आधारित हैं । इन बातों का किसी और व्यक्ति/घटना से किसी भी प्रकार से मिलना (वैसे किसी से मिलेगी नही) महज़ एक संयोग समझा जाएगा । ********************** मैं एक नम्बर का लुच्चा, लफंगा, आवारा, बद्तमीज़, नालायक, बदमाश, दुष्ट, पापी, राक्षस (और जो बच गया हो उसे भी जोड़ लो) कतई नही हूँ यार । हाँ दारू, सुट्टा, गाँजा, अफ़ीम, हेरोइन वगैरह……अबे ये सब भी नही पीता हूँ यार मैं बहुत होनहार , सीधा-साधा , सबको प्यार करने वाला , नेक दिल , ईमानदार, हिम्मती, शरीफ़ (अबे पूरे शरीर से शराफ़त टपकती है भाई), भोलाभाला (बस भोला हूँ भाला वगैरह नही रखता यार………अबे आदिवासी ठोड़े ही हूँ) लडका हूँ 

Post A Comment:

7 comments so far,Add yours

  1. भारत में भी एक हिस्सा झटक ले तो दुनिया में बड़ा कारोबार होगा इपिक का। भारत में कम नेट के ग्राहक नहीं हैं।

    ReplyDelete
  2. हमारीवाणी का लोगो अपने ब्लाग पर लगाकर अपनी पोस्ट हमारीवाणी पर तुरंत प्रदर्शित करें
    हमारीवाणी एक निश्चित समय के अंतराल पर ब्लाग की फीड के द्वारा पुरानी पोस्ट का नवीनीकरण तथा नई पोस्ट प्रदर्शित करता रहता है. परन्तु इस प्रक्रिया में कुछ समय लग सकता है. हमारीवाणी में आपका ब्लाग शामिल है तो आप स्वयं हमारीवाणी पर अपनी ब्लागपोस्ट तुरन्त प्रदर्शित कर सकते हैं.

    इसके लिये आपको नीचे दिए गए लिंक पर जा कर दिया गया कोड अपने ब्लॉग पर लगाना होगा. इसके उपरांत आपके ब्लॉग पर हमारीवाणी का लोगो दिखाई देने लगेगा, जैसे ही आप लोगो पर चटका (click) लगाएंगे, वैसे ही आपके ब्लॉग की फीड हमारीवाणी पर अपडेट हो जाएगी.



    कोड के लिए यंहा क्लिक करे

    ReplyDelete
  3. bahut achi gankari di aapne mayank ji

    ReplyDelete
  4. कहा से इपिक downlod कर सकते है

    ReplyDelete

क्या आप को ये पोस्ट अच्छा लगा तो अपने विचारों से टिपण्णी के रूप में अवगत कराएँ