MAYANK इश्क़ में ख़ुद अपनी, तबाही पे नही लिखता

उनको ये शिकायत है.*MAYANK*बेवफ़ाई पे नही लिखता,
और मैं सोचता हूँ कि मैं उनकी रुसवाई पे नही लिखता.'

'ख़ुद*MAYANK*से ज़्यादा बुरा, ज़माने में कौन है ??
*MAYANK*इसलिए औरों की बुराई पे नही लिखता.'

'कुछ तो आदत से मज़बूर हैं और कुछ फ़ितरतों की पसंद है ,
ज़ख़्म कितने भी गहरे हों??*MAYANK*उनकी दुहाई पे नही लिखता.'

'दुनिया का क्या है हर हाल में, इल्ज़ाम लगाती है,
वरना क्या बात?? कि*MAYANK*कुछ अपनी सफ़ाई पे नही लिखता.'

'शान-ए-अमीरी पे करू कुछ अर्ज़ मगर एक रुकावट है,
मेरे उसूल,*MAYANK*गुनाहों की कमाई पे नही लिखता.'

'उसकी ताक़त का नशा."मंत्र और कलमे" में बराबर है!!
मेरे दोस्तों*MAYANK*मज़हब की, लड़ाई पे नही लिखता.'

'समंदर को परखने का मेरा, नज़रिया ही अलग है यारों!!
मिज़ाज़ों पे लिखता हूँ*MAYANK*उसकी गहराई पे नही लिखता.'

'पराए दर्द को *MAYANK*ग़ज़लों में महसूस करता हूँ ,
ये सच है*MAYANK*शज़र से फल की, जुदाई पे नही लिखता.'

'तजुर्बा तेरी मोहब्बत का' ना लिखने की वजह बस ये!!
क़ि*MAYANK*इश्क़ में ख़ुद अपनी, तबाही पे नही लिखता
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Mayank Bhardwaj

                    ------------चेतावनी----------- 
इस profile में लिखी गयी सारी बातें सत्य घटना पर आधारित हैं । इन बातों का किसी और व्यक्ति/घटना से किसी भी प्रकार से मिलना (वैसे किसी से मिलेगी नही) महज़ एक संयोग समझा जाएगा । ********************** मैं एक नम्बर का लुच्चा, लफंगा, आवारा, बद्तमीज़, नालायक, बदमाश, दुष्ट, पापी, राक्षस (और जो बच गया हो उसे भी जोड़ लो) कतई नही हूँ यार । हाँ दारू, सुट्टा, गाँजा, अफ़ीम, हेरोइन वगैरह……अबे ये सब भी नही पीता हूँ यार मैं बहुत होनहार , सीधा-साधा , सबको प्यार करने वाला , नेक दिल , ईमानदार, हिम्मती, शरीफ़ (अबे पूरे शरीर से शराफ़त टपकती है भाई), भोलाभाला (बस भोला हूँ भाला वगैरह नही रखता यार………अबे आदिवासी ठोड़े ही हूँ) लडका हूँ 

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